छोटी दिवाली 2022 तारीख, महत्व, Choti Diwali 2022

इस पोस्ट में हम छोटी दिवाली (Choti Diwali) के बारे में चर्चा करेंगे. जैसे की छोटी दिवाली कब मनाई जाती है? छोटी दिवाली 2022 तारीख और मुहूर्त, छोटी दिवाली क्यों मनाई जाती है? छोटी दिवाली का महत्व, नरक चतुर्दशी, नरक चतुर्दशी 2022 आदि.

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साथ ही इस पोस्ट के अंत में हमने छोटी दिवाली की शुभकामनाएं वाले कुछ फोटो भी दिए हैं, जिन्हें आप अपने दोस्तों और रिश्तेदार के साथ शेयर कर सकतें हैं.

छोटी दिवाली

Choti diwali

छोटी दिवाली का त्यौहार, दिवाली त्यौहार से एक दिन पहले मनाया जाता है. इसे हम इस तरह से भी कह सकतें हैं की धनतेरस त्यौहार के बाद वाले दिन को छोटी दिवाली मनाई जाती है.

इस दिन को नरक चतुर्दशी भी मनाई जाती है. इस दिन मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है.

हिन्दू धर्म में छोटी दिवाली का भी विशेष महत्व है. यह एक दिन होता है जब हम सब यमराज की पूजा अर्चना करतें हैं.

इस दिन यम दीपक जलाया जाता है.

इस दिन उपवास करना भी काफी शुभ माना जाता है.

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छोटी दिवाली कब है?

छोटी दिवाली का त्यौहार प्रत्येक वर्ष कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन नरक चतुर्दशी भी मनाई जाती है.

छोटी दिवाली 2022 तारीख (Choti Diwali 2022 Date)

साल 2022 में छोटी दिवाली का त्यौहार 23 अक्टूबर 2022, दिन रविवार को है.

त्यौहारतारीख और दिन
छोटी दिवाली 2022 तारीख 23 अक्टूबर 2022, रविवार

छोटी दिवाली कैसे मनाएं?

  • छोटी दिवाली के दिन स्नान करने का बहुत अधिक महत्व है.
  • सरसों तेल, बेसन, हल्दी, चन्दन आदि का उबटन लगाकर स्नान करना चाहिए.
  • प्रातः काल और संध्या काल में स्नान करना चाहिए.
  • स्नान ताजे जल से करना चाहिए.
  • इस दिन यमराज की पूजा की जाती है.
  • साथ ही इस दिन माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है.
  • इस दिन दीपक जलाने की भी परम्परा है.
  • घर के मुख्य दरवाजे पर दीपक रखें.
  • साथ ही एक बड़ा सा दीपक यम देव के नाम से जलाएं और इस दीपक को सम्पूर्ण घर में दिखाते हुए घर के पीछे रख दें.

छोटी दिवाली क्यों मनाई जाती है?

छोटी दिवाली मनाने के पीछे कई धार्मिक मान्यताएं हैं.

सबसे प्रमुख कारण के अनुसार भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के आने की खबर अयोध्या वासियों को पहले ही हो गई.

उनके आने की ख़ुशी में अयोध्या वासियों ने आने से पहले वाले दिन ही दीप जलाकर उत्सव मनाने लगे. इस कारण से प्रत्येक वर्ष छोटी दिवाली का त्यौहार मनाया जाने लगा.

दिवाली के दिन प्रभु श्री रामचंद्र, माता सीता और लक्ष्मण जी के आने की ख़ुशी में दिवाली मनाई गयी.

दूसरी कथा भगवान श्री कृष्ण से जुड़ी हुई है. इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने असुर नरकासुर का वध किया और नरकासुर के कैद से 16000 कन्याओं को मुक्ति प्रदान की. इस कारण से इस दिन भगवान श्री कृष्ण की भी पूजा की जाती है.

इस दिन यमराज जी की भी पूजा करने का विधान है. मान्यताओं के अनुसार इस दिन यमराज जी की पूजा करने और यम दीप जलाने से अकाल मृत्यु नहीं होती है.

यमराज की पूजा करने से मनुष्य को शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है.

छोटी दिवाली का महत्व

  • छोटी दिवाली हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है.
  • इस दिन उबटन लगाकर या सरसोँ तेल लगाकर स्नान करने से मनुष्य को स्वस्थ शरीर और रोगों और कष्टों से मुक्ति मिलती है.
  • इस दिन यम देव जी की पूजा करना शुभ है.
  • यम देव जी की पूजा करने और यम दीप जलाने से मनुष्य को यम देव जी की कृपा की प्राप्ति होती है.
  • यम देव की कृपा से मनुष्य को अकाल मृत्यु नहीं होती है और नरक से मुक्ति मिलती है.
  • इस दिन भगवान श्री कृष्ण की भी पूजा करना शुभ माना गया है.
  • साथ ही छोटी दिवाली के दिन एक बड़ा दीपक यम देव के नाम से जला कर घर के पीछे स्थान पर रखना शुभ होता है.

छोटी दिवाली विडियो

छोटी दिवाली से संबंद्धित कुछ यूट्यूब विडियो हमने निचे दिया हुआ है. आप इन विडियो को देख कर भी जानकारी प्राप्त कर सकतें हैं.

छोटी दिवाली की शुभकामनाएं

आप सभी को सोना टुकु परिवार की तरफ से छोटी दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं.

choti diwali wishes

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