Rishi Panchami 2022 – ऋषि पंचमी कब है? तारीख और महत्व

ऋषि पंचमी व्रत (Rishi Panchami Vrat) करने वालों के लिए आज हम इस पोस्ट में जानकारी दे रहें हैं की ऋषि पंचमी कब है? (Rishi Panchami Kab Hai?) ऋषि पंचमी 2022 (Rishi Panchami 2022) तारीख, समय, महत्व के साथ अन्य कई महत्वपूर्ण धार्मिक जानकारी.

नमस्कार, स्वागत है आपका sonatuku.com पर.

सबसे पहले हम आपको जानकारी दे दें की ऋषि पंचमी का व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है.

ऋषि पंचमी व्रत हरतालिका तीज (Hartalika Teej) के दो दिन बाद या गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) के एक दिन बाद किया जाता है.

सप्त ऋषियों की आराधना से संबंद्धित यह ऋषि पंचमी व्रत का बहुत अधिक धार्मिक महत्व माना गया है.

ऋषि पंचमी त्यौहार में मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा सप्त ऋषियों की उपासना के लिए व्रत किया जाता है.

इस व्रत का संबंद्ध महिलाओं के रजोधर्म (जिसे हम सब मासिक धर्म भी कहतें हैं) से संबंद्धित है.

इस संबंद्ध में हम आगे इस पोस्ट में और चर्चा करेंगे.

चलिए सबसे पहले हम साल 2022 में ऋषि पंचमी कब है? (Rishi Panchami 2022) के बारे में जानकारी प्राप्त करतें हैं.

Rishi Panchami 2022 – ऋषि पंचमी कब है?

ऋषि पंचमी का त्यौहार प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है.

साल 2022 में ऋषि पंचमी व्रत 01 सितम्बर 2022, दिन गुरुवार को किया जायेगा.

ऋषि पंचमी व्रत 2022 तारीख01 सितम्बर 2022, गुरुवार
Rishi Panchami vrat 2022 Date01 September 2022, Thursday

अब हम भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि की जानकारी प्राप्त करेंगे.

भाद्रपद शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि

चूँकि भाद्रपद शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को ही ऋषि पंचमी का महत्वपूर्ण व्रत किया जाता है. इस कारण से हमने निचे टेबल के माध्यम से भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि के प्रारंभ और समाप्त होने के समय की जानकारी दी हुई है.

भाद्रपद शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि प्रारंभ31 अगस्त 2022, बुधवार
03:22 pm
भाद्रपद शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि समाप्त01 सितम्बर 2022, गुरुवार
02:49 pm

ऋषि पंचमी व्रत क्यों किया जाता है?

हमारे हिन्दू धर्म में पवित्रता और शुद्धता को बहुत अधिक धार्मिक महत्व प्रदान किया गया है. धार्मिक और पुराने समय की मान्यता के अनुसार महिलाओं को जब मासिक धर्म होता है, तो उन्हें मासिक धर्म की समाप्ति तक पूजा पाठ तथा अन्य कुछ धार्मिक महत्व के कार्यों को नहीं करना चाहिए.

साथ ही बहुत जगह ऐसा माना जाता है इस दौरान रसोई घर में जाकर भोजन पकाना भी नहीं चाहिए.

ऐसा बिस्वास किया जाता है की अगर किसी कारण से इन नियमों का उल्लंघन होता है तो उस स्त्री को रजस्वला दोष लगता है.

धार्मिक मान्यता है की ऋषि पंचमी का व्रत सच्चे ह्रदय से करने से स्त्री को रजस्वला दोष से मुक्ति मिल जाती है.

Importance of Rishi Panchami Festival

ऋषि पंचमी उत्सव का महत्व

  • ऋषि पंचमी का उत्सव मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा मनाया जाता है.
  • इस उत्सव में महिलाओं द्वारा सप्त ऋषियों की आराधना के लिए व्रत रखा जाता है.
  • ऋषि पंचमी का व्रत नेपाली हिन्दू महिलाओं में बहुत अधिक महत्व रखता है.
  • हमारे देश में भी हिन्दू महिलाओं द्वारा ऋषि पंचमी का व्रत रखा जाता है.
  • ऐसी लोक मान्यता है की ऋषि पंचमी का व्रत करने से स्त्री को रजस्वला दोष से मुक्ति मिलती है.
  • इस व्रत को करने से शरीर के साथ साथ हृदय और मन भी पवित्र हो जाता है.
ऋषि पंचमी का व्रत कब किया जाता है?

भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी का व्रत किया जाता है.

ऋषि पंचमी के व्रत में किसकी पूजा की जाती है?

आप सबको बता दें की ऋषि पंचमी के व्रत में सप्त ऋषियों की पूजा की जाती है.

ऋषि पंचमी का व्रत किनके द्वारा किया जाता है?

ऋषि पंचमी का व्रत मुख्य रूप में महिलाओं के द्वारा किया जाने वाला एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण व्रत है.

कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रकाशन –

धनतेरस कब है? धनतेरस तारीख और शुभ मुहूर्त, पूरी जानकारी

छोटी दिवाली कब है? तारीख, महत्व, Choti Diwali date

Diwali Date | दिवाली कब है? – तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व

Govardhan Puja Date गोवर्धन पूजा कब है? तारीख, मुहूर्त, महत्व, कथा

भाई दूज कब है? तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व, कहानी

Chhath Puja date – छठ पूजा कब है? तारीख और अन्य जानकारी

Nidhi

इस साईट पर प्रकाशित सभी धार्मिक प्रकाशनों को निधि के द्वारा प्रकाशित किया जाता है. निधि त्योहारों, आरती, चालीसा मंत्र स्तोत्र आदि की अच्छी जानकारी रखती है. बहुत धार्मिक मान्याताओं वाली निधि हमारे इस सेगमेंट को अच्छे से देखती है.
View All Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.