Surya Jayanti 2023 – सूर्य जयंती कब है? रथ सप्तमी अचला सप्तमी

Surya Jayanti 2023 – This festival is also known as Ratha Saptami, Achala Saptami, Magha saptami.

सूर्य जयंती 2023 – सूर्य जयंती को रथ सप्तमी, अचला सप्तमी और माघ सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है.

इस पोस्ट में हम सूर्य जयंती के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे – सूर्य जयंती कब है? महत्व, सूर्य जयंती 2023 तारीख आदि.

रथ सप्तमी जिसे हम सब सूर्य जयंती के नाम से जानतें हैं एक अत्यंत ही पवित्र और पावन दिन है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना और सूर्य देव को अर्घ्य देना अत्यंत ही शुभ और मंगलकारी माना गया है.

मान्यताओं के अनुसार रथ सप्तमी के दिन ही सूर्य देव का जन्म हुआ था. इस कारण से इसे सूर्य जयंती भी कहा जाता है और हम सब इस दिन सूर्य देव की जयंती मनाते हैं.

सूर्य जयंती के दिन सूर्य देव की आराधना और स्तुति करने के साथ साथ सूर्य देव की अर्घ्य अर्पण करना भी बहुत ही शुभ माना गया है.

चलिए अब हम सब सूर्य जयंती 2023 (Surya Jayanti 2023) और रथ सप्तमी 2023 (Ratha Saptami 2023) के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेतें हैं.

Surya Jayanti 2023 – Ratha saptami 2023 – Achala Saptami 2023 | सूर्य जयंती कब है? रथ सप्तमी 2023 – अचला सप्तमी 2023

माघ महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को सूर्य जयंती, रथ सप्तमी या अचला सप्तमी का त्यौहार मनाया जाता है.

इस दिन मुख्य रूप से सूर्य देव को समर्पित व्रत किया जाता है.

साल 2023 में सूर्य जयंती और रथ सप्तमी 28 जनवरी 2023, दिन शनिवार को है.

सूर्य जयंती 2023 तारीख
रथ सप्तमी 2023 तारीख
अचला सप्तमी 2023 तारीख
28 जनवरी 2023, शनिवार
Surya Jayanti 2023 Date
Ratha Saptami 2023 Date
Achala Saptami 2023 Date
28 January 2023, Saturday

अब हम सब माघ महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के प्रारंभ और समाप्त होने के समय के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेतें हैं.

माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि की जानकारी

चूँकि सूर्य जयंती और रथ सप्तमी का व्रत माघ महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को किया जाता है. इस कारण से हम सबको माघ शुक्ल सप्तमी तिथि के बारे में जानकारी प्राप्त करना अत्यंत ही आवस्यक है.

माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि प्रारंभ27 जनवरी 2023, शुक्रवार
09:10 am
माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि समाप्त28 जनवरी 2023, शनिवार
08:43 am

28 जनवरी 2023, शनिवार को प्रातः काल में पवित्र नदियों में स्नान करना अत्यंत ही शुभ है.

सूर्य जयंती | रथ सप्तमी का महत्व (Importance of Surya Jayanti | Ratha Saptami

  • रथ सप्तमी का दिन भगवान सूर्य देव का जन्म दिन माना गया है. इस कारण से से इस दिन सूर्य देव जी की जयंती मनाई जाती है.
  • यह दिन अत्यंत ही पवित्र और शुभ दिन माना गया है.
  • इस दिन को सूर्य देव को समर्पित किया गया है.
  • सूर्य देव की आराधना और स्तुति करना रथ सप्तमी के दिन बहुत ही मंगलकारी माना गया है.
  • इस दिन व्रत करना भी बहुत ही शुभ माना गया है.
  • साथ ही रथ सप्तमी के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के पश्चात सूर्य देव को अर्घ्य अर्पण करना भी बहुत ही शुभ माना गया है.
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य जयंती के दिन सूर्य देव की आराधना करने, पवित्र नदियों में स्नान करने और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पण करने से मनुष्य को उत्तम स्वास्थ्य, जीवन में सफलता, धन वैभव में बढ़ोतरी आदि की प्राप्ति होती है.
  • रथ सप्तमी के दिन दान पूण्य करना भी बहुत ही शुभ फलदायक माना गया है.
  • रथ सप्तमी को आरोग्य सप्तमी भी कहा जाता है.
  • मान्यता के अनुसार इस दिन सभी नियमों का पालन करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य अर्पण करने से शारीरिक रोगों और कष्टों से मुक्ति मिल जाती है.

रथ सप्तमी के बारे में कुछ जानकारी

रथ सप्तमी के दिन हो सके तो व्रत अवस्य रखें. पवित्र नदियों में स्नान अवस्य करें. साथ ही इस दिन सूर्य देव को सूर्य मन्त्र का जाप करते हुए अर्घ्य अर्पण करें. सूर्य देव को धुप दीप दिखाएँ.

इससे आपको सूर्य देव की परम कृपा की प्राप्ति होगी और आरोग्य की प्राप्ति होगी.

सूर्य जयंती कब मनाई जाती है?

माघ महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को सूर्य जयंती मनाई जाती है.

सूर्य जयंती को अन्य किन नामों से जाना जाता है?

सूर्य जयंती को रथ सप्तमी, आरोग्य सप्तमी, माघ सप्तमी और अचला सप्तमी आदि नामो से जाना जाता है.

कुछ अन्य प्रकाशन –

Holi Kab Hai? होली कब है? सभी जानकारी

Ram Navami Date – राम नवमी कब है? तारीख और शुभ मुहूर्त

Nidhi

इस साईट पर प्रकाशित सभी धार्मिक प्रकाशनों को निधि के द्वारा प्रकाशित किया जाता है. निधि त्योहारों, आरती, चालीसा मंत्र स्तोत्र आदि की अच्छी जानकारी रखती है. बहुत धार्मिक मान्याताओं वाली निधि हमारे इस सेगमेंट को अच्छे से देखती है.
View All Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.